ज़िन्दगी से यही ग़िला है मुझे

Lyricist: Ahmed Faraz
Singer: Ghulam Ali

ज़िन्दगी से यही ग़िला है मुझे
तू बहुत देर से मिला है मुझे।

हमसफ़र चाहिए हुजूम नहीं
मुसाफ़िर ही काफ़िला है मुझे।

दिल धड़कता नहीं सुलगता है
वो जो ख़्वाहिश थी आबला है मुझे

लबकुशा हूँ तो इस यक़ीन के साथ
क़त्ल होने का हौसला है मुझे।

कौन जाने कि चाहतों में ‘फ़राज़’
क्या गँवाया है क्या मिला है मुझे।


आबला = Blister

लबकुशा= Am not very sure, but see the following from Dictionary.

kushā = Opening, expanding; displaying; loosening; solving; revealing; conquering (used as last member of compounds, e.g. dilkushā, `heart-expanding’; — mushkil-kushā, `difficulty-solving’).

and “लब” means “lips”.

So, most like लबकुशा means “opening the lips” or speaking out. Thus, the meaning of the whole “sher” becomes – I open my mouth/speak out because I believe I have the courage to die.

6 Replies to “ज़िन्दगी से यही ग़िला है मुझे”

  1. hi Jaya!

    बहुत दिनो बाद ये गज़ल सुनी, तुरन्त इसको गूगल किया, और यहाँ पहुँचा। अहमद फराज़ बहुत शानदार लिखते है, फिर गुलाम अली की दिलकश आवाज की बात ही कुछ और है।

    भई ये पेज गूगल पर सर्च ( http://www.google.com/search?hl=en&rls=GGGL%2CGGGL%3A2006-24%2CGGGL%3Aen&q=%22%E0%A5%9B%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A4%97%E0%A5%80+%E0%A4%B8%E0%A5%87+%E0%A4%AF%E0%A4%B9%E0%A5%80%22&btnG=Search) मे बहुत मुश्किल से आया (आपकी जानकारी के लिए बताया)

  2. हमसफ़र चाहिए हुजूम नहीं
    ek मुसाफ़िर ही काफ़िला है मुझे।

    what this means ????????

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