दिल धड़कने का सबब याद आया

Lyricist: Nasir Kazmi
Singer: Ghulam Ali

दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तेरी याद थी अब याद आया।

आज मुश्किल है सँभलना ऐ दोस्त
तू मुसीबत में अजब याद आया।

हाल-ए-दिल हम भी सुनाते लेकिन
जब वो रुख़सत हुए तब याद आया।

दिन गुज़ारा था बड़ी मुश्किल से
फिर तेरा वादा-ए-शब याद आया।

बैठ कर साया-ए-गुल में ‘नासिर’
हम बहुत रोये वो जब याद आया।

One Reply to “दिल धड़कने का सबब याद आया”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *