ज़िन्दग़ी में तो सभी प्यार किया करते हैं

Lyricist: Qateel Shifai
Singer: Mehdi Hasan

ज़िन्दग़ी में तो सभी प्यार किया करते हैं
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूँगा।

तू मिला है तो ये अहसास हुआ है मुझको
ये मेरी उम्र मोहब्बत के लिए थोड़ी है।
इक ज़रा-सा ग़म-ए-दौराँ का भी हक़ है जिसपर
मैंने वो साँस भी तेरे लिए रख छोड़ी है।
तुझ पे हो जाऊँगा क़ुर्बान तुझे चाहूँगा
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूँगा।

अपना जज़्बात में नग़मात रचाने के लिए
मैंने धड़कन की तरह दिल में बसाया है तुझे।
मैं तसव्वुर भी जुदाई का भला कैसे करूँ
मैंने क़िस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे।
प्यार का बन के निगाह-बान तुझे चाहूँगा
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूँगा।

तेरी हर चाप से जलते हैं ख़यालों में चिराग
जब भी तू आए जगाता हुआ जादू आए।
तुझको छू लूँ तो फिर ऐ जान-ए-तमन्ना मुझको
देर तक अपने बदन से तेरी खुशबू आए।
तू बहारों का है उनवान तुझे चाहूँगा।
मैं तो मर कर भी मेरी जान तुझे चाहूँगा।

तसव्वुर = Contemplation, Fancy, Idea,Imagination
निगाह-बान = Guard, Janitor, Keeper, Protector
उनवान = Form, Label, Legend, Preface, Title

14 Replies to “ज़िन्दग़ी में तो सभी प्यार किया करते हैं”

  1. jaya mind chhote UU ki matra.some technical mistake is taking it to the next word.

    problem with urdu is that a little misspelt also looks too bad.
    sorry but it was my duty to caution you so that your good work remains unblemished.
    best wishes

  2. That’s not a problem of typing, but that of display on your computer. Some fonts do not render the maatra properly. I am not sure of other solutions, but indic IME solved the problem for me.

  3. Thanks to whoever has uploaded the complete lyrics of this nazm on the site & thanks to the site host. I was looking for this nazm from a long time especially the last stanza. I’m grateful to you.

  4. wo jo ho chuka h use sadae na dizye
    uski mahfilo me jakr use yu ruswa na kizye

    tmhe toh khuch shrem nai khuch toh lihaz kizye
    uske lye ab koi khayale dil…….e…..dua na kizye

    usne kb kaha tha chaho mujhe bepanh
    tmne he chaha use ab gila na kizye

    hamesa nai hote khuwab pure sabke
    uski gali me roj gakr tmasa na kizye……….

  5. आपकी रचनाओं को पढ़ने के पश्चात यह अनुभव हुआ कि लगता है प्यार कि शुरुआत आपकी रचनाओं से ही हुई है………आप प्यार कि रचना प्यार ही प्यार, शब्दनगरी
    के माध्यम से पढ़ सकतें हैं….

    1. आपकी गजलों को पढ़ने के पश्चात यह अनुभव हुआ कि लगता है प्यार कि शुरुआत आपकी रचनाओं से ही हुई है………आप प्यार कि रचना प्यार ही प्यार, शब्दनगरी
      के माध्यम से पढ़ सकतें हैं….

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