तुमको देखे हुए ग़ुज़रे हैं ज़माने आओ

Lyrics:
Singer: Abida Parveen

तुमको देखे हुए ग़ुज़रे हैं ज़माने आओ
उम्र-ए-रफ़्ता का कोई ख़्वाब दिखाने आओ

मैं सराबों में भटकता रहूँ सहरा-सहरा
तुम मेरी प्यास को आईना दिखाने आओ।

अजनबयती ने कई दाग़ दिए हैं दिल को
आशनाई का कोई ज़ख़्म लगाने आओ।

मिलना चाहा तो किए तुमने बहाने क्या-क्या
अब किसी रोज़ न मिलने के बहाने आओ।

सराब = Mirage
सहरा = Desert
उम्र-ए-रफ़्ता = Past

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