तुमको देखे हुए ग़ुज़रे हैं ज़माने आओ

Lyrics:
Singer: Abida Parveen

तुमको देखे हुए ग़ुज़रे हैं ज़माने आओ
उम्र-ए-रफ़्ता का कोई ख़्वाब दिखाने आओ

मैं सराबों में भटकता रहूँ सहरा-सहरा
तुम मेरी प्यास को आईना दिखाने आओ।

अजनबयती ने कई दाग़ दिए हैं दिल को
आशनाई का कोई ज़ख़्म लगाने आओ।

मिलना चाहा तो किए तुमने बहाने क्या-क्या
अब किसी रोज़ न मिलने के बहाने आओ।

सराब = Mirage
सहरा = Desert
उम्र-ए-रफ़्ता = Past

जब से तूने मुझे दीवाना बना रखा है

Lyrics: Nasir Haquim
Singer: Abida Parveen

जब से तूने मुझे दीवाना बना रखा है
संग पर शख़्स ने हाथों में उठा रखा है।

उसके दिल पर भी कड़ी इश्क में गुज़री होगी
नाम जिसने भी मोहब्बत का सज़ा रखा है।

पत्थरों आज मेरे सर पर बरसते क्यों हो?
मैंने तुमको भी कभी अपना ख़ुदा रखा है।

पी जा अय्याम की तलख़ी को भी हँस के ‘नासिर’
ग़म को सहने में भी क़ुदरत ने मज़ा रखा है।

अय्याम = Life
तलख़ी = Bitternetss