इससे पहले कि बात टल जाए

Lyricist: Farhat Shahzad
Singer: Ghulam Ali

इससे पहले कि बात टल जाए
आओ इक दौर और चल जाए।

आँसुओं से भरी हुई आँखें
रोशनी जिस तरह पिघल जाए।

दिल वो नादान, शोख बच्चा है
आग छूने से जो मचल जाए।

तुझको पाने की आस के सर से
जिन्दगी की रिदा ना ढल जाए।

वक़्त, मौसम, हवा का रुख जाना
कौन जाने कि कब बदल जाए।

रिदा = Cloak