बिन बारिश बरसात न होगी

Lyricist: Khalid Mehmood Aarif
Singer: Ghulam Ali

बिन बारिश बरसात न होगी
रात गई तो रात न होगी।

राज़-ए-मोहब्बत तुम मत पूछो
मुझसे तो ये बात न होगी।

किससे दिल बहलाओगे तुम
जिस दम मेरी ज़ात न होगी।

अश्क भी अब ना क़ैद हुए हैं
शायद अब बरसात न होगी।

यूँ देखेंगे ‘आरिफ़’ उसको
बीच में अपनी ज़ात न होगी।