(गीतकार : गुलज़ार) हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करतेवक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करतेहाथ छूटें भी तो… जिस की आवाज़ में सिलवट हो निगाहों में शिकनऐसी […]
(गीतकार : गुलज़ार) हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करतेवक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करतेहाथ छूटें भी तो… जिस की आवाज़ में सिलवट हो निगाहों में शिकनऐसी […]
(गीतकार : समीर) जिये तो जिये कैसे, बिन आपके (दो बार)लगता नहीं दिल कहीं, बिन आपकेजिये तो जिये कैसे… कैसे कहूँ बिना तेरे ज़िन्दगी ये क्या होगीजैसे कोई सज़ा कोई […]
(गीतकार : निदा फ़ाज़ली) होश वालों को ख़बर क्या बेख़ुदी क्या चीज़ हैइश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िन्दगी क्या चीज़ हैहोश वालों को… उन से नज़रें क्या मिली रोशन फ़िज़ाएँ हो […]
(गीतकार : मिर्ज़ा ग़ालिब) हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकलेबहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले… निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिनबहुत बे-आबरू […]
(गीतकार : हस्तीमल हस्ती) प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता हैनए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है… जिस्म की बात नहीं थी उन के दिल तक […]
(गीतकार : निदा फ़ाज़ली) हर तरफ़ हर जगह बे-शुमार आदमीफिर भी तन्हाइयों का शिकार आदमी… सुब्ह से शाम तक बोझ ढोता हुआअपनी ही लाश का ख़ुद मज़ार आदमी… हर तरफ़ भागते […]
(गीतकार : नवाज़ देवबंदी) तेरे आने की जब ख़बर महकेतेरी ख़ुशबू से सारा घर महके…तेरे आने की… शाम महके तिरे तसव्वुर सेशाम के बा’द फिर सहर महके…तेरे आने की… रात […]
(गीतकार : आनंद बख़्शी) चिट्ठी आई है आई है, चिट्ठी आई हैचिट्ठी आई है वतन से चिठ्ठी आई हैबड़े दिनों के बात, हम बे-वतनों को यादवतन की मिट्टी आई है… […]
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बालएक तू ही धनवान है, गोरी, बाक़ी सब कंगालचाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बालएक तू ही धनवान है, गोरी, बाक़ी सब कंगाल(दो बार) जिस रस्ते […]
(गीतकार : मेराज फ़ैज़ाबादी) तेरे बारे में जब सोचा नहीं थामैं तन्हा था मगर इतना नहीं था… तेरी तस्वीर से करता था बातेंमेरे कमरे में आईना नहीं था… समंदर ने […]