(गीतकार : अनवर फर्रुखाबादी) सब को मालूम है मैं शराबी नहींफिर भी कोई पिलाए तो मैं क्या करूँसिर्फ़ एक बार नज़रों से नज़रें मिलेंऔर क़सम टूट जाए तो मैं क्या […]
(गीतकार : अनवर फर्रुखाबादी) सब को मालूम है मैं शराबी नहींफिर भी कोई पिलाए तो मैं क्या करूँसिर्फ़ एक बार नज़रों से नज़रें मिलेंऔर क़सम टूट जाए तो मैं क्या […]
(गीतकार : जनाब ज़फर गोरखपुरी) और आहिस्ता कीजिये बातेंधड़कने कोई सुन रहा होगालफ्ज़ गिरने ना पाए होठों सेवक़्त के हाथ इनको चुन लेंगेकान रखते हैं ये दर-ओ-दीवारराज़ की सारी बात […]
(गीतकार : ज़फर गोरखपुरी)(गायक : पंकज उधास) तेरी निगाह से ऐसी शराब पी मैने कीफिर ना होश का दावा किया कभी मैनेवो और होंगे जिन्हें मौत आ गई होगीनिगाहें यार […]
(गीतकार : आनंद बख़्शी) चिट्ठी आई है आई है, चिट्ठी आई हैचिट्ठी आई है वतन से चिठ्ठी आई हैबड़े दिनों के बात, हम बे-वतनों को यादवतन की मिट्टी आई है… […]
चाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बालएक तू ही धनवान है, गोरी, बाक़ी सब कंगालचाँदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बालएक तू ही धनवान है, गोरी, बाक़ी सब कंगाल(दो बार) जिस रस्ते […]