(गीतकार : जनाब ज़फर गोरखपुरी) और आहिस्ता कीजिये बातेंधड़कने कोई सुन रहा होगालफ्ज़ गिरने ना पाए होठों सेवक़्त के हाथ इनको चुन लेंगेकान रखते हैं ये दर-ओ-दीवारराज़ की सारी बात […]
(गीतकार : जनाब ज़फर गोरखपुरी) और आहिस्ता कीजिये बातेंधड़कने कोई सुन रहा होगालफ्ज़ गिरने ना पाए होठों सेवक़्त के हाथ इनको चुन लेंगेकान रखते हैं ये दर-ओ-दीवारराज़ की सारी बात […]